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🔋 सोलर बैटरी और इन्वर्टर

बिजली कटौती में बैकअप। लिथियम बनाम ट्यूबुलर की सीधी तुलना।

सोलर पैनल दिन में बिजली बनाते हैं। रात में या बिजली जाने पर घर चलाने के लिए बैटरी चाहिए। इन्वर्टर पैनल की बिजली को घर के इस्तेमाल लायक बनाता है।

बैटरी के दो आम विकल्प

लिथियम (LiFePO4)ट्यूबुलर (लेड-एसिड)
शुरुआती खर्चज़्यादाकम
उम्रज़्यादा (कई साल, ज़्यादा चार्ज-साइकिल)कम
देखभाललगभग नहींपानी/टॉप-अप की ज़रूरत
जगह व वज़नकमज़्यादा
किसके लिएरोज़ का बैकअप, लंबे समय के लिएकम बजट, कभी-कभार कटौती

कितना बैकअप चाहिए?

पहले तय करें कि बिजली जाने पर क्या-क्या चलाना है। पंखे, लाइट, टीवी, फ्रिज और वाई-फाई के लिए छोटा बैकअप काफ़ी होता है; AC या मोटर चलानी हो तो बड़े इन्वर्टर और ज़्यादा बैटरी की ज़रूरत पड़ती है। हम आपका लोड गिनकर साइज़ बताते हैं।

ध्यान रखें

  • बैटरी जुड़ने से कुल खर्च बढ़ता है; घरेलू सब्सिडी के नियम ऑन-ग्रिड के हिसाब से हैं, इसलिए हाइब्रिड पर क्या मिलेगा यह सर्वे में पक्का बताया जाता है।
  • बैटरी और इन्वर्टर की वारंटी ब्रांड और मॉडल के हिसाब से अलग-अलग होती है — खरीद से पहले लिखित में लें।
  • पहले से लगे इन्वर्टर/बैटरी को सोलर से जोड़ने के विकल्प पर भी हम सलाह देते हैं।

हम Luminous, Su-Kam, Havells आदि के इन्वर्टर और बैटरी के साथ काम करते हैं; आपकी ज़रूरत और बजट देखकर ब्रांड सुझाते हैं।

इस बारे में बात करें

नाम और नंबर डालिए। हमारी टीम आपको फ़ोन करके छत, बिल और बजट के हिसाब से सही सिस्टम बताएगी। कोई दबाव नहीं।

  • साइट सर्वे फ्री
  • लखनऊ व रायबरेली में अपने ऑफिस
  • सब्सिडी व नेट मीटर में मदद
  • दूसरे जिले से हैं? तब भी लिखें — सेवा संभव है या नहीं, फ़ोन पर बताएँगे

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जमा करने के बाद हम आपको फ़ोन करेंगे। आपका नंबर किसी और को नहीं दिया जाएगा। अगर आपके इलाके में सेवा संभव न हुई तो हम फ़ोन पर साफ़ बता देंगे।

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